बस तू आगे बढ़ता जा तू आगे बढ़ता जा तू आगे बढ़ता जा तू बढ़ता जाछोड़ दे कल की फिकरभूल जा अगर मगरपुराने पछतावे छोड़आज के परिश्रम से तू नाता जोड़तू एक राही है बस तू बढ़ता जाना ही थकना और ना ही रुकनाबस तू आगे बढ़ता जा बस तू बढ़ता जा रास्ता अभी काफीContinue reading “बस तू आगे बढ़ता जा तू बढ़ता जा”
Author Archives: Aditya Agarwal
मानव का रास्ता
Thanks for joining me रास्ते अक्सर देर से मिलते हैं, यह उनका स्वभाव है। उन्हें कभी भी अकेले ना रहने देना , मानव का धर्म है। सूर्योदय रोज होता है, यह जीवन का सत्य है, अपनी भितर की बुराई भुलाकर , नया दिपक जलाना , मानव कर्म है। हरी भरी संसार , अवर्णीय दृश्य, यहContinue reading “मानव का रास्ता”